1. यदि login page में अंग्रेजी भाषा का चयन किया गया है तभी ऑनलाइन भुगतान संभव होगा . यदि आपने हिंदी भाषा का चयन किया है और आप ऑनलाइन भुगतान करना चाहते है तब कृपया logout होकर , login page में अंग्रेजी भाषा का चयन करे तथा आगे बढे । 2.कृपया किसी भी ऑनलाइन भुगतान के लिए ऑनलाइन भुगतान प्रष्ट(page) पर डाटा को अंग्रेजी भाषा में ही भरे । 3.ई स्टाम्पिंग करने के लिये डिजिटल सिग्नेचर की अनिवार्यता है , बिना डिजिटल सिग्नेचर के ऑप्टिकल वाटर मार्क युक्त ई स्टाम्प का प्रिंट नहीं होगा। 4.उपयोगकर्ता से अनुरोध है की भुगतान करते समय "पिछला" और "रीफ्रेश" के बटन पर क्लिक ना करे |

डिजिटल मध्य प्रदेश में आपका स्वागत है|

महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय

रजिस्ट्रेशन और स्टाम्प विभाग मध्यप्रदेश राज्य के राजस्व अर्जित करने वाले विभागों में प्रमुख है। विभाग में चार क्षेत्रीय उप महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय हैं, जो भोपाल, इन्दौर, जबलपुर एवं ग्वालियर में स्थित हैं। राज्य में कुल 51 जिला पंजीयक कार्यालय एवं 234 उप पंजीयक कार्यालय हैं। सभी कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन के अधीनस्थ एवं उनके नियंत्रण में कार्य करते हैं, जिनका मुख्यालय भोपाल है ।

सम्पदा

”सम्पदा” दस्तावेजों के रजिस्ट्रीकरण एवं ई स्टाम्पिग की वेब इनेबल्ड कम्प्यूटरीकृत परियोजना है। इस प्रणाली में स्टाम्प‘’ शुल्क ई-स्टाम्प के माध्यम से एकत्र किया जाता हैं। अनुज्ञप्त सेवाप्रदाता ई-स्टाम्प जारी करने के लिये अधिकृत है, वह ई-पंजीकृत दस्तावेजों की डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रतियाँ डाउनलोड करने व सर्च की सुविधा प्रदाय करने में भी सक्षम हैं। बैंक व वित्तीय संस्थाओं को सेवाप्रदाता का लायसेंस नियमानुसार दिया जा सकता है। दस्तावेज के इलेक्ट्रानिक पंजीयन की प्रक्रिया में वेब कैमरा तथा बायोमैट्रिक डिवाईस की मदद से पक्षकारों के फोटो एवं अंगुष्ट चिन्ह् लिये जाते है। दस्तावेजों का ई पंजीयन आवेदन रजिस्टर्ड यूजर द्वारा स्वंय या अधिकृत सेवाप्रदाताओं के माध्यम से आरंभ किया जाता है। पंजीयन हेतु निर्धारित उप पंजीयक कार्यालय में उप पंजीयक के पास टाईम स्लाट आन लाईन बुक करने की सुविधा है । ”सम्पदा” के अन्तर्गत म प्र में स्थित संपत्ति के मूल्यांकन तथा इसके संव्यवहार के दस्तावेज पर देय स्टाम्प शुल्क व पंजीयन फीस की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध है। ”सम्पदा” के अन्तर्गत दस्तावेजों के ई पंजीयन की व्यवस्था दिनाक 01-07-2015 से मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में लागू कर दी गई है। होम पेज पर गाईड लाईन के अन्तर्गत “फाइनल गाईड लाईन” में पहॅुचने पर जिलेवार गाईड लाईन अवलोकन हेतु उपलब्ध है। जिले के पंजीकृत लाईसेन्सधारी “सर्विस प्रोवाईडर" की जानकारी भी “सर्विस प्रोवाईडर" टेब के अन्तर्गत प्राप्त की जा सकती है।
अधिक देखें
अधिक देखें